गोटेगांव में श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ में शामिल हुये
धर्म, अध्यात्म, सामाजिक संस्कार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी, वर्ष 2029 तक नशामुक्ति का संकल्प और नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति, भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। श्रीमद्भागवत पुराण चारों वेदों, अठारह पुराणों और उपनिषदों के सार को समाहित करने वाला पवित्र ग्रंथ है। भागवत कथा मनुष्य को जीवन, मृत्यु, कर्म और सदाचार का वास्तविक अर्थ समझाती है। धर्म और अध्यात्म की इस अविरल धारा से जुड़ना हम सभी का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोटेगांव में पूज्य गोपीठाधीश्वर महंत श्री बिपिन बिहारी दास जी महाराज की उपस्थिति में यहाँ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य को परमात्मा ने जो जीवन और सांसें प्रदान की हैं, उनका सदुपयोग अच्छे कर्मों और श्रेष्ठ संस्कारों के लिए करना चाहिए। जन्म और मृत्यु परमात्मा की व्यवस्था का हिस्सा हैं। हमारी संस्कृति में मानव जीवन के कर्तव्यों और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं का गौरव विश्वभर में स्थापित हो रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परमपूज्य महाराजश्री के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी, 2029 तक नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने और धार्मिक वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की 19 धार्मिक नगरों में शराबबंदी का निर्णय लिया है। सरकार का प्रयास है कि समाज को व्यसन और अन्य बुराइयों से मुक्त बनाने के लिए हरसंभव पहल की जाए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध सफलता के बाद अब वर्ष 2029 तक ड्रग्स और नशे के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया है, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके।
प्रदेश में धूमधाम से मनाई जा रही गीता जयंती, बनेंगे गीता भवन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्याय मनुष्य को कर्म, कर्तव्य और जीवन को श्रेष्ठ मार्ग पर ले जाने की प्रेरणा देते हैं। इसी भाव से प्रदेश में गीता जयंती को व्यापक स्तर पर मनाने की पहल की गई है। गांवों के साथ नगरीय निकायों में भी गीता भवनों के निर्माण का संकल्प लिया गया है, ताकि धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक आयोजनों के लिए स्थायी स्थान उपलब्ध हो सके।
नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नर्मदा मिशन के माध्यम से परिक्रमा पथ का विकास किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिक्रमवासियों के लिए विश्राम स्थल, घाट उन्नयन और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही मां नर्मदा के जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए जल शुद्धीकरण की व्यवस्थाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।
प्रत्येक जनपद में विकसित होंगे वृंदावन गांव, गोपालन और प्राकृतिक खेती को मिलेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक वृंदावन गांव विकसित करने की पहल की गई है। इन गांवों में देसी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन को प्रोत्साहित किया जाएगा। साहीवाल, गिर और स्थानीय नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत देसी गाय पालने वाले पशुपालकों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता देने की पहल भी की जा रही है। इससे गोपालन, प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
धार्मिक स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े प्रदेश के विभिन्न स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के साथ महाकाल महालोक, ओरछा, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर और अमरकंटक सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और हमारी आध्यात्मिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।
सामाजिक कुरीतियों और अनावश्यक दिखावे से दूर रहने का किया आह्वान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाज के लोगों से आग्रह किया कि जीवन में किसी भी बड़े दायित्व पर पहुंचने के बाद अपने संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने दोनों बच्चों का विवाह भी सामूहिक विवाह के माध्यम से किया है। विवाह में अनावश्यक दिखावे और मृत्यु भोज जैसी सामाजिक कुरीतियों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।
मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गोटेगांव आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री जालम सिंह पटेल मुन्ना भैया,मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन की पूरी टीम के प्रयासों से इस भव्य धार्मिक आयोजन का शुभारंभ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोजन के प्रथम दिन गोटेगांव पहुंचकर सभी को अनुग्रहित किया है। उन्होंने अपने परिवार और गोटेगांव के नागरिकों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि यह आयोजन स्वर्गीय माताजी एवं स्वर्गीय मणिनागेंद्र सिंह (मोनू भैया) की पुण्यस्मृति में आयोजित किया जा रहा है।
मंत्री श्री पटेल ने परमपूज्य कथाव्यास श्री बिपिन बिहारी दास जी महाराज के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी कथा केवल धार्मिक प्रवचन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और गौरवशाली परंपराओं की पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण माध्यम है। महाराजश्री समाज के सामने कड़वे सच रखते हैं, जो लोगों को हंसाने के साथ-साथ आत्मचिंतन के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि परमपूज्य श्रीश्री बाबा श्रीजी की वाणी है कि सत्य को प्रमाण की नहीं, परिणाम की आवश्यकता है। कथावाचक विपिन विहारी दास जी महाराज जिस निष्ठा और संकल्प के साथ भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं, वह हम सभी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इतिहास और आध्यात्मिक विषयों के गहन ज्ञान की सराहना करते हुए कहा कि उनका इस आयोजन में उपस्थित होना सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है।
इस अवसर पर विधायक श्री महेंद्र नागेश, पूर्व राज्य मंत्री श्री जालम सिंह पटेल, वरिष्ठ समाजसेवी श्री मुलाम सिंह पटेल, मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन के सदस्य श्री सरदार सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक, महंत प्रीतम पुरी गोस्वामी सहित आयोजन समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।